Alasaka kushta lakshana: A.Hridaya
Sloka
---------------------गण्डैः कण्डूयुतैश्चितम्||२२||
रक्तैरलसकम्-----------------------------------|
रक्तैरलसकम्-----------------------------------|
सर्वाङ्गसुन्दरी व्याख्या
अलसकं नाम कुष्ठं गण्डै रक्तवर्णैः कण्डूयुतैश्च व्याप्तं भवेत्|
Reference
अष्टाङ्गहृदयम् निदानस्थानम् - १४. कुष्ठश्वित्रकृमिनिदानाध्यायः