Kaphaja panduroga lakshana: A.Hridaya
Sloka
------------------कफाच्छुक्लसिरादिता||११||
तन्द्रा लवणवक्त्रत्वं रोमहर्षः स्वरक्षयः
कासश्चछर्दिश्च----------------------|
तन्द्रा लवणवक्त्रत्वं रोमहर्षः स्वरक्षयः
कासश्चछर्दिश्च----------------------|
सर्वाङ्गसुन्दरी व्याख्या
कफाच्छुक्लसिरादिता[दि] स्यात्|
Reference
अष्टाङ्गहृदयम् निदानस्थानम् - १३. पाण्डुरोगशोफविसर्पनिदानध्यायः